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लाल रंग का दिखने वाला चà¥à¤•ंदर सेहत के लिठफायदेमंद माना जाता है। वहीं, जब गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की बात आती है, तो इसे लेकर सवाल खड़ा हो सकता है कि इसे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के आहार में शामिल किया जाना चाहिठया नहीं। यह सवाल लाजमी à¤à¥€ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खानपान का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना बेहद जरूरी होता है। यही वजह है कि इस लेख में हम बता रहे हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं। अगर हां, तो कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में इसे लिया जाना चाहिà¤? साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसके सेवन का सही समय कौन-सा है। à¤à¤¸à¥‡ तमाम सवालों के जवाब सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²à¤•à¥à¤°à¥‡à¤œ के इस लेख में मौजूद हैं। साथ ही हम इस लेख में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे और नà¥à¤•सान के बारे में à¤à¥€ बता रहे हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर और इसका रस लेना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे – Benefits of Eating Beetroot in Pregnancy In Hindi
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आहार में चà¥à¤•ंदर को कैसे शामिल करें?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के नà¥à¤•सान- Side Effects of Beetroot in Pregnancy In Hindi
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर और इसका रस लेना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
à¤à¤• शोध के दौरान चà¥à¤•ंदर के रस को 97% महिलाओं के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पाया गया है। इसमें मौजूद नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की वजह से इसे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ माना गया है (1)। चà¥à¤•ंदर पेट के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर रखने के साथ ही कई तरह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को फायदा पहà¥à¤‚चा सकता है, जिसके बारे में हम लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में बता रहे हैं (2)। चà¥à¤•ंदर का सेवन करते समय इसकी मातà¥à¤°à¤¾ का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखा जाना चाहिà¤à¥¤ दरअसल, इसमें मौजूद नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ गरà¥à¤à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिला और à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में मदद करने के साथ ही कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ पहà¥à¤‚चा सकता है (3)। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाने के नà¥à¤•सान के बारे में हम लेख में आगे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚गे। नà¥à¤•सान से पहले गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे के बारे में हम बता रहे हैं।
लेख के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे के बारे में बता रहे हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे –
पाठक इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि चà¥à¤•ंदर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली किसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ का इलाज नहीं है। यह केवल नीचे बताई जा रहीं समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कà¥à¤› हद तक कम करने में मदद कर सकता है।
1. फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का विकास
बीटरूट में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पाया जाता है, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास के लिठजरूरी माना जाता है। चà¥à¤•ंदर में मौजूद यह फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को बरà¥à¤¥ डिफेकà¥à¤Ÿ से बचाने में मदद कर सकता है। इंटरनेशनल जरà¥à¤¨à¤² ऑफ केमिकल सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शरीर में नठसेलà¥à¤¸ को बनाने में मदद करता है। साथ ही यह à¤à¥à¤°à¥‚ण की रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और दिमाग के उचित विकास को à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है (2)।
2. रकà¥à¤¤ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करे
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवन शैली, जंक फूड, शराब, दूषित पानी, अनिदà¥à¤°à¤¾ और खराब रकà¥à¤¤ परिसंचरण यानी बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ रकà¥à¤¤ को अशà¥à¤¦à¥à¤§ करने का कारण बनते हैं। रकà¥à¤¤ की अशà¥à¤¦à¥à¤§à¥€ की वजह से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, मà¥à¤‚हासे, चकतà¥à¤¤à¥‡, जोड़ों में दरà¥à¤¦ और इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® की कमजोरी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं (3)। इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचने के लिठरकà¥à¤¤ का साफ होना जरूरी है, जो चà¥à¤•ंदर की मदद से किया जा सकता है (2)। à¤à¤• शोध में यह à¤à¥€ जिकà¥à¤° मिलता है कि चà¥à¤•ंदर में मौजूद नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है, जिससे कà¥à¤› हद तक रकà¥à¤¤ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करने में मदद मिल सकती है (4)। यह रकà¥à¤¤ में मौजूद कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को à¤à¥€ कम करने का काम कर सकता है (2)।
3. शरीर में आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ को बढ़ाà¤
चà¥à¤•ंदर में मौजूद आयरन शरीर में इस ततà¥à¤µ को बढ़ाने में मदद कर सकता है। देखा गया है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अकà¥à¤¸à¤° आयरन की कमी की वजह से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, जिसमें लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बाधित हो जाता है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• विकासशील देशों में करीब 52% गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं। इसी वजह से माना जाता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल किया जाना चाहिà¤, जिसमें चà¥à¤•ंदर à¤à¥€ शामिल है (5)। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया है कि पके हà¥à¤ करीब 150g बीटरूट में 1.2mg आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ होती है (6)। हालांकि, कचà¥à¤šà¥‡ चà¥à¤•ंदर में इसकी मातà¥à¤°à¤¾ थोड़ी कम होती है (7)। वहीं, अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चलता है कि आयरन को अवशोषित करने के लिठविटामिन-सी à¤à¥€ जरूरी होता है, जो चà¥à¤•ंदर में à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है (8)।
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